मकडी
मकडी छोटा सा कीट
शरीर, सूखा सा कंक्रीट
श्रम का अदभूत पुजारी
कीट वर्ग पहचान न्यारी
सचेत सबल सुयोजनकारी
जाल बुने विघटनकारी
समय स्थान का चुनाव
बुद्धि कौशल कला भाव
चक्रव्युह रचना ऐसे करती
शिक्षित सी वह जान पडती
जाल का ताना बाना ऐसा
दुश्मन का अकाल सहसा
लार से धागा जाल बुनती
तकनीक का विस्तार करती
सुयोजन की देती सीख
मानव श्रम करता दिख
संहारक पर हमला करती
पादप जंतु की रक्षा करती
धागे का इतिहास सुनाती
व्यस्त जीवन योग बनाती
ईश्वर अल्हा से दूर दूर
प्रकृति मे मन बसा उसका
लक्ष्य पर सजग बहादूर
मनुज समझे स्वभाव उसका
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