बरसात
बरसात का आगमन
प्रकृति करे स्वागतम
नम हवाओं के झोंके
धरा आंचल को समेटे
बादल चाल आती जाती
तपस को दूर भगाती
हरियाली और खुशहाली
महक उठा घास जंगली
तिनको को मिला सहारा
हरित से ढका तन हारा
कृषक गडरिया खुश भारा
पशु को मिला भरपूर चारा
नदी नाले सबल बने
जल जीवन को गति मिले
पोंखरो मे जल भराव
जलसंचय से सुचित्त गांव
कृषक को मिला वरदान
एक नइ फसल की आशा
महक उठे खेत खलिहान
जन जन की मिटे निराशा
बारसात से राज काज संभले
सर्व जीव जगत अंदाज बदले
संवृद्धि,गति का अदभूत सार
समृद्धि पौषक प्रकृति साभार
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